30 साल बाद Mount Everest से लौटेगा Tsewang Paljor का पार्थिव शरीर | Green Boots Story

🏔️ Mount Everest के Death Zone में वर्ष 1996 से मौजूद भारतीय पर्वतारोही Tsewang Paljor (Green Boots) के पार्थिव शरीर की पहचान हो चुकी है। 📌 इस वीडियो में जानिए— 1996 में क्या हुआ था? Green Boots कौन थे? Death Zone क्यों सबसे खतरनाक माना जाता है? 30 साल बाद शव कैसे मिला? परिवार ने क्या कहा? 💬 इस मामले पर आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताएं। 👍 Like | Share | Subscribe 📢 Readers Opinion – अब आपकी खबर हमारी आवाज़ 🤖 AI tools are used for editing. #MountEverest #GreenBoots #TsewangPaljor #Everest #ReadersOpinion 🔑 5 Key Points भारतीय पर्वतारोही Tsewang Paljor वर्ष 1996 में Mount Everest पर आए तूफान में लापता हुए थे। उनका शव करीब 26,000 फीट ऊंचाई पर Death Zone में मिला। पहचान की पुष्टि के बाद पार्थिव शरीर भारत लाने की तैयारी है। उनकी पत्नी करीब 30 वर्षों से अंतिम दर्शन का इंतजार कर रही थीं। Death Zone से शव निकालना दुनिया के सबसे कठिन अभियानों में माना जाता है।