इंदौर क्राइम ब्रांच ने पहले से बिक चुके प्लॉट के कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 60 लाख रुपए का लोन लेने के मामले में हकीमुद्दीन सैफी और उसकी पत्नी फातिमा सैफी, निवासी बिजलपुर, के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी के अनुसार, सोलफूल निधि लिमिटेड के संचालक शरद कुमार पोरवाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने 21 दिसंबर 2023 को उनकी संस्था से 60 लाख रुपए का लोन लिया था। इसके बदले बिजलपुर स्थित मस्किन-ए-सैफिया के प्लॉट नंबर 461 के दस्तावेज सुरक्षा के तौर पर जमा कराए गए थे। लोन का भुगतान नहीं होने पर संस्था ने दस्तावेजों की जांच कराई, जिसमें सामने आया कि संबंधित प्लॉट 5 दिसंबर 2023 को ही हुसैना रस्सीवाला और जहरा रस्सीवाला को बेचा जा चुका था। शिकायतकर्ता ने रकम वापस मांगने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इसके अतिरिक्त हकीमुद्दीन पर प्रॉपर्टी व्यापारी मुकेश जैन से फर्जी दस्तावेजों के जरिए 50 लाख रुपए लेने का आरोप है। पुलिस को आरोपियों के खिलाफ अन्य धोखाधड़ी की शिकायतों की जानकारी मिली है। फर्जी रजिस्ट्री, एग्रीमेंट और आधार कार्ड तैयार करने वाले कथित संगठित गिरोह से संबंधों की जांच जारी है। दोनों आरोपी फरार बताए गए हैं।
इंदौर में बिक चुके प्लॉट के फर्जी दस्तावेजों से 60 लाख का लोन, दंपती पर धोखाधड़ी का केस
