सीबीएसई की नई थर्ड लैंग्वेज पॉलिसी लागू होने के बाद कई स्कूलों में फ्रेंच की जगह संस्कृत को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके चलते अभिभावकों द्वारा पहले से खरीदी गई 400 से 700 रुपये तक की फ्रेंच की किताबें बेकार हो गई हैं। बुक डिपो भी इन किताबों को वापस लेने से इनकार कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों को अब संस्कृत की नई किताबें खरीदने के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
CBSE की नई भाषा नीति 📚 | फ्रेंच की किताबें हुई बेकार, संस्कृत हुई अनिवार्य
