रूस-यूक्रेन युद्ध और भारत का रक्षा निर्यात: क्या है पूरा मामला? रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत के रक्षा उद्योग और यूरोपीय देशों को गोला-बारूद की आपूर्ति पर चर्चा हो रही है। Reuters की सितंबर 2024 की जांच में बताया गया था कि भारत में निर्मित कुछ तोपखाने के गोले यूरोपीय खरीदारों के जरिए यूक्रेन पहुंचे थे। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख था कि भारत ने यूक्रेन को सीधे हथियार भेजने से इनकार किया था। अखबार की कटिंग में यूरोप को गोला-बारूद की आपूर्ति के लिए 8,271 करोड़ रुपये और पूर्वी-मध्य यूरोप को रक्षा निर्यात में 1,600% वृद्धि का दावा किया गया है। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इस घटनाक्रम में भारत के रक्षा उद्योग, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निर्यात नियमों की भूमिका अहम है। 💬 आपकी राय: क्या भारत को रक्षा निर्यात बढ़ाने के साथ हथियारों के अंतिम उपयोग की निगरानी पर भी जोर देना चाहिए?
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत का रक्षा निर्यात चर्चा में | यूरोप को गोला-बारूद की सप्लाई
