इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए रानी सराय परिसर में 182 पुराने पेड़ों की कटाई का काम शुरू होने की जानकारी सामने आई है। इन पेड़ों पर हजारों तोतों और अन्य पक्षियों का प्राकृतिक बसेरा बताया जा रहा है। पेड़ों की कटाई को लेकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने विरोध जताया था। मामले में हाईकोर्ट ने कटाई के लिए सख्त शर्तें रखी हैं, जिनके तहत पक्षी विशेषज्ञों की देखरेख में चरणबद्ध तरीके से पेड़ काटे जाने हैं। इसके अलावा, मेट्रो कॉर्पोरेशन को इसके बदले 2,500 नए पौधे लगाने होंगे। इस घटनाक्रम ने विकास परियोजनाओं के साथ पुराने पेड़ों, जैव विविधता और पक्षियों के प्राकृतिक आवास के संरक्षण को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्धारित शर्तों का पालन किस तरह किया जाता है और प्रभावित पक्षियों के संरक्षण के लिए क्या उपाय किए जाते हैं।
इंदौर मेट्रो के लिए रानी सराय के 182 पेड़ों की कटाई शुरू, पक्षियों के प्राकृतिक आवास पर चिंता
