पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की छूट देने का दावा किया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अमीर हयात-मोगद्दम के मुताबिक, भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को समुद्री मार्ग पर लागू पारगमन प्रतिबंधों से छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि भारत के जहाजों को रास्ता देने का उद्देश्य भारत से जरूरी दवाओं का आयात जारी रखना है। वहीं, भारतीय और चीनी जहाजों से पारगमन शुल्क लिए जाने की बात भी कही गई है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% कच्चा तेल आयात करता है। सरकारी जानकारी के अनुसार, युद्ध से पहले भारत के करीब 45% कच्चे तेल का आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होता था। आयात के स्रोतों में बदलाव के बाद यह निर्भरता लगभग 30% बताई गई है। इसके अलावा खाड़ी देशों से आने वाली LNG और LPG की आपूर्ति के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। ऐसे में जहाजों की सुरक्षित और नियमित आवाजाही बहाल होने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार को राहत मिल सकती है। हालांकि, ईरान के इस दावे की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि और जहाजों की वास्तविक आवाजाही की स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।
होर्मुज से भारतीय जहाजों को गुजरने देगा ईरान, 8 महीने बाद छूट का दावा; भारत की तेल सप्लाई को मिल सकती है राहत
