💔 इंदौर से बुजुर्ग मां की बेहद भावुक कहानी सामने आई है। 85 वर्षीय सरिता नारगुड़े को वर्ष 2022 में उनका बेटा वृद्धाश्रम में छोड़कर गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, बेटे ने दो दिन की मीटिंग का हवाला देकर मां को आश्रम में रखने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद वह लंबे समय तक उनसे मिलने नहीं आया। बीमारी के दौरान भी सरिता अपने बेटे को याद करती रहीं। 10 अगस्त को उनकी मौत हो गई। आश्रम की ओर से बेटे को सूचना भेजी गई, लेकिन जवाब नहीं मिला। इसके बाद वृद्धाश्रम संचालक यश पाराशर ने उनका अंतिम संस्कार कराया। वहीं, आश्रम को दान में मिली राशि से सरिता के लिए चश्मा भी बनवाया गया था और बीमारी के दौरान उनका इलाज कराया गया। 🙏 यह घटना बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और पारिवारिक जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। 💬 आपके अनुसार बुजुर्ग माता-पिता के प्रति बच्चों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए? Comment में बताइए। 🎥 AI tools are used in editing. #Indore #वृद्धाश्रम #सरितानारगुड़े #ElderlyCare #SocialIssue #IndoreNews #MPNews #Humanity #BreakingNews #ReadersOpinion
इंदौर में वृद्धाश्रम में 4 साल इंतजार करती रही मां | बेटे का नहीं आया जवाब, 85 वर्षीय सरिता की मौत
