🚨 धार जिले के निसरपुर छात्रावास में व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का आक्रोश सामने आया है। रविवार रात करीब 40 छात्राएं छात्रावास की खिड़की की जाली तोड़कर बाहर निकलीं और पैदल कुक्षी थाने पहुंचीं। छात्राएं छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर Police अधिकारियों से बात करना चाहती थीं। Police और तहसीलदार ने छात्राओं को समझाइश दी और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे छात्राओं को वापस छात्रावास पहुंचाया गया। अगले दिन प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रावास का निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आया कि 50 बेड की क्षमता वाले छात्रावास में करीब 140 छात्राएं रह रही थीं। वहीं उपलब्ध पलंगों की संख्या 83 बताई गई। मामले में रानी दुर्गावती शासकीय आवासीय कन्या परिसर की अधीक्षिका बबीता चौहान को निलंबित कर दिया गया है। वहीं माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर के प्राचार्य भरत नामदेव को प्राचार्य पद से मुक्त किया गया है। प्रशासन ने अंग्रेजी बालक छात्रावास के खाली पड़े 17 कमरों वाले भवन को व्यवस्थित कर करीब एक सप्ताह बाद वहां माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर का संचालन शुरू करने की बात कही है। 👥 Common Person Perspective एक छात्रावास में निर्धारित Capacity से अधिक छात्राओं का रहना सीधे उनकी Safety, Basic Facilities, पढ़ाई और रहने की Quality से जुड़ा मुद्दा है। ऐसे संस्थानों में नियमित Inspection और Capacity के अनुसार व्यवस्था जरूरी है। 🛡️ Public Safety Hostel Management को Emergency Exit, Fire Safety, Clean Water, Toilets, Electricity और सुरक्षित रहने की पर्याप्त जगह की नियमित जांच करनी चाहिए। किसी भी Emergency में छात्रों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की व्यवस्था होनी चाहिए। 📢 Readers Opinion – अब आपकी खबर हमारी आवाज़ 💬 क्या सरकारी छात्रावासों में नियमित Surprise Inspection अनिवार्य होनी चाहिए? इस मामले पर आपकी राय क्या है? Comment में जरूर बताएं। 👍 Like | 🔔 Subscribe | 🔄 Share AI tools are used for editing. #DharNews#Nisarpur#Kukshi#NisarpurHostel#HostelNews#GirlsHostel#StudentSafety#Dhar#MadhyaPradesh#MPNews#EducationNews#HostelSafety#StudentNews#BreakingNews#ReadersOpinion
निसरपुर छात्रावास में 140 छात्राएं, 83 पलंग | रात में थाने पहुंचीं छात्राएं | Dhar News
