MP में कुपोषण पर बड़ा सवाल! 300 दिन का आहार, मिला सिर्फ 170 दिन | Poshan Aahar News | MP News

🚨 मध्यप्रदेश में पोषण आहार व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के सभी 7 पोषण आहार प्लांट बंद हैं और नई व्यवस्था के टेंडर भी नहीं हुए हैं। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं, प्रसूता माताओं और 6 वर्ष तक के बच्चों को साल में कम से कम 300 दिन पोषण आहार देने का प्रावधान बताया गया है। लेकिन रिपोर्ट में कई क्षेत्रों में करीब 170 दिन ही नियमित पोषण आहार मिलने की बात सामने आई है। 🍲 📊 रिपोर्ट में पोषण की स्थिति से जुड़े कई आंकड़े भी सामने रखे गए हैं। इसके मुताबिक हर चौथा बच्चा कम वजन की स्थिति में है और ऐसे बच्चों का प्रतिशत बढ़ने की बात कही गई है। 📍 बालाघाट और अन्य आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण की स्थिति को लेकर विशेष चिंता जताई गई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि 1500 मिल बंद होने से करीब 3 लाख महिलाओं के लाड़ली बहना योजना से बाहर होने की स्थिति बनी है। 🔑 मुख्य सवाल ❓ 300 दिन का पोषण आहार तय होने के बावजूद 170 दिन ही क्यों? ❓ सभी पोषण आहार प्लांट बंद होने की स्थिति कब तक रहेगी? ❓ नई व्यवस्था का टेंडर कब होगा? ❓ बच्चों और माताओं तक नियमित पोषण आहार कैसे पहुंचेगा? 🛡️ Public Safety: बच्चों, गर्भवती महिलाओं और प्रसूता माताओं के पोषण एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। कमजोरी या कुपोषण के लक्षण दिखने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। 💬 आपके गांव या शहर में पोषण आहार की व्यवस्था कैसी है? Comment करके बताएं। 👍 वीडियो Like करें 📲 Share करें 🔔 Channel Subscribe करें 🎬 AI tools are used in editing. #MPNews#MadhyaPradesh#PoshanAahar#Malnutrition#Balaghat#NutritionNews#ChildNutrition#Anganwadi#TribalNews#HealthNews#WomenHealth#MadhyaPradeshNews#HindiNews#GroundReport#PublicIssue#BreakingNews#NewsUpdate#IndiaNews#ReadersOpinion#YouTubeShorts#Shorts