शाजापुर में ‘नो-शैडो मोमेंट’: 21 जून को दोपहर 12:28 पर गायब हुई परछाई, बच्चों ने समझी खगोलीय घटना

शाजापुर हायर सेकेंडरी स्कूल, ज्योति नगर में 21 जून को विद्यार्थियों ने एक अनोखी खगोलीय घटना देखी, जब दोपहर 12:28 बजे कुछ पलों के लिए परछाई लगभग गायब होती नजर आई। खगोल प्रभारी अशोक शर्मा ने बच्चों को बताया कि 21 जून उत्तरी गोलार्ध का सबसे बड़ा दिन होता है, क्योंकि इस दिन सूर्य की किरणें कर्क रेखा के आसपास लगभग लंबवत पड़ती हैं। इसी वजह से दिन करीब 13 घंटे 30 मिनट और रात 10 घंटे 30 मिनट की होती है। चूंकि शाजापुर कर्क रेखा के नजदीक है, इसलिए यहाँ भी यह ‘नो-शैडो मोमेंट’ अनुभव किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को 21 मार्च, 21 जून, 23 सितंबर और 22 दिसंबर जैसे चार खास दिनों की खगोलीय महत्ता भी समझाई गई। इस मौके पर प्राचार्य रेणुका परमार, विद्यार्थी और स्कूल स्टाफ भी मौजूद रहे। इस वीडियो में जानिए: 21 जून को साल का सबसे बड़ा दिन क्यों कहा जाता है? दोपहर 12:28 बजे परछाई गायब क्यों हुई? कर्क रेखा और शाजापुर का क्या संबंध है? 21 मार्च, 23 सितंबर और 22 दिसंबर जैसे दिन क्यों खास हैं? 💬 आपकी राय क्या है? क्या ऐसे विज्ञान-आधारित कार्यक्रम स्कूलों में और होने चाहिए? Comment में जरूर बताइए। 👍 वीडियो पसंद आए तो Like, Share, Comment और Subscribe करना न भूलें।