देश के Aviation Sector में बढ़ती लागत और यात्रियों की संख्या में कमी का असर उड़ानों पर दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट के अनुसार जुलाई से सितंबर के बीच देश में 2,73,549 उड़ानें संचालित हुईं, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 8.5 प्रतिशत कम हैं। आंकड़ों में कई एयरलाइंस की उड़ानों में कमी दर्ज की गई है। एविएशन फ्यूल की कीमत, बढ़ती ऑपरेशनल लागत और यात्रियों की संख्या में बदलाव को इसके प्रमुख कारणों में बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी उड़ानों की संख्या में कमी देखने को मिली है। अब सवाल यह है कि उड़ानों में कटौती का असर आने वाले समय में हवाई किराए और यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर कितना पड़ेगा। 🔑 5 KEY POINTS जुलाई-सितंबर में 2,73,549 उड़ानें संचालित हुईं। पिछले साल की तुलना में उड़ानों में 8.5% की कमी। करीब 25 हजार उड़ानें कम होने की बात रिपोर्ट में सामने आई। महंगे Aviation Fuel और बढ़ती ऑपरेशनल लागत बड़ा कारण। घरेलू के साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर।
महंगा Aviation Fuel, कम हुई उड़ानें | 25 हजार Flights घटीं | Air Travel पर बड़ा असर
