उज्जैन से बड़ी खबर सामने आई है। महाकाल मंदिर से रामघाट जाने वाले प्राचीन मार्ग पर स्थित करीब 14वीं शताब्दी का ऐतिहासिक महाकाल द्वार देर रात अचानक ढह गया। राहत की बात यह है कि घटना के समय आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था और जनहानि की सूचना नहीं है। द्वार के पास निर्माण कार्य के दौरान गहरी खुदाई चल रही थी। लगातार बारिश के बीच मिट्टी के धंसने या जमीन के सेटलमेंट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन घटना की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। महाकाल द्वार महाकाल मंदिर और रामघाट के पुराने मार्ग का ऐतिहासिक हिस्सा रहा है। इसके जीर्णोद्धार पर करीब 2.12 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे थे। अब द्वार गिरने के बाद निर्माण कार्य, सुरक्षा व्यवस्था और धरोहर संरक्षण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। Readers Opinion – अब आपकी खबर हमारी आवाज़ ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रशासन को किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए? AI tools are used For editing.
उज्जैन में 14वीं सदी का ऐतिहासिक महाकाल द्वार ढहा | Mahakal Dwar Collapse | Ujjain News
