पीएचडी दाखिलों पर नेट परीक्षा के अनिवार्य होने का प्रभाव: 601 सीटों में से 451 सीटें खाली रह गईं | डीएवीवी इंदौर समाचार

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश की स्थिति का खुलासा हो गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 25 से अधिक विषयों में 601 पीएचडी सीटों में से 451 सीटें अभी भी खाली हैं। इसके अलावा, यह भी बताया गया है कि 50 से अधिक गाइडों के पास एक भी शोधार्थी नहीं है। पीएचडी पात्रता के लिए NET अनिवार्य होने से प्रवेश प्रक्रिया में उम्मीदवारों की संख्या प्रभावित हुई है। अब विश्वविद्यालय में खाली पीएचडी सीटों और शोधार्थियों की संख्या को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। 💬 क्या खाली सीटों को भरने के लिए पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में कोई बदलाव किया जाना चाहिए? संपादन में AI टूल्स का उपयोग किया गया है। #DAVV#DAVVIndore#पीएचडी#जाल#शिक्षासमाचार#इंदौरसमाचार#उच्चशिक्षा#अनुसंधान#मध्य प्रदेश#पाठकोंकीराय 🔑 5 मुख्य बिंदु 🎓 पीएचडी पर नेट परीक्षा की आवश्यकता का प्रभाव। 📊 601 सीटों में से 451 सीटें रिक्त हैं। 📚 25 से अधिक विषयों में सीटें रिक्त हैं। 👨‍🏫 50 से अधिक गाइडों के पास एक भी शोधार्थी नहीं है। 🔎 रिक्त सीटों के संबंध में प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े प्रश्न।