इंदौर-देवास बायपास की खराब स्थिति और रखरखाव में लापरवाही को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाया है। MAATR Foundation की जनहित याचिका में सड़क पर गड्ढे, जलभराव, जाम नालियां, खराब Service Road, Underpass और पुल-पुलियाओं की स्थिति को लेकर शिकायतें उठाई गई हैं। 28 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के बाद अदालत ने NHAI के Project Director को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और अब तक की कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। अधिकारी को भविष्य में सड़क का नियमित और प्रभावी रखरखाव सुनिश्चित करने की योजना भी बतानी होगी। मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर 2026 को होगी। फिलहाल Toll Collection बंद करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है। आपकी राय: क्या बायपास का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए NHAI की जवाबदेही और तय होनी चाहिए? Comment में बताएं।
इंदौर-देवास बायपास की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त, NHAI Project Director तलब | Indore News
