उमरिया से पांदा गांव और मेडिकैप्स को जोड़ने वाली सड़क निर्माण के करीब एक महीने बाद ही दोबारा खराब होने लगी है। इस सड़क को लेकर पहले भी Reader’s Opinion की ओर से खबर सामने लाई गई थी, जिसके बाद सड़क का काम हुआ था। लेकिन अब सड़क के उन्हीं हिस्सों में दोबारा गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, जहां पहले पैचवर्क किया गया था। इससे सड़क निर्माण और इस्तेमाल किए गए मटेरियल की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह मार्ग उमरिया, पांदा और आसपास के गांवों को मेडिकैप्स और शहर से जोड़ता है। सड़क पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं होने से रात में आवाजाही करने वालों के लिए सुरक्षा का सवाल भी बना हुआ है। अब सवाल है कि नई सड़क इतनी जल्दी खराब क्यों हुई और इसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी है? जनता की मांग है कि सिर्फ दोबारा पैचवर्क करने के बजाय सड़क की गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदारी तय की जाए। 🔑 5 KEY POINTS करीब एक महीने पहले बनी सड़क पर फिर गड्ढे। पहले पैचवर्क किए गए स्थानों पर दोबारा खराबी। सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल। स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात में सुरक्षा की चिंता। स्थानीय लोगों की मांग—गुणवत्ता जांच और जिम्मेदारी तय हो।
एक महीने में सड़क खराब! उमरिया-पांदा रोड पर फिर गड्ढे | निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
