DAVV में नए विभाग खोलने की तैयारी, लेकिन मौजूदा विभागों की व्यवस्थाओं पर सवाल! देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में पिछले कुछ वर्षों में स्कूल ऑफ एविएशन, स्कूल ऑफ डिज़ाइन और स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स जैसे नए विभाग शुरू किए गए। लेकिन इन विभागों के स्थायी भवन, नियमित विभागाध्यक्ष और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इन विभागों में नियमित HOD नियुक्त नहीं होने और जिम्मेदारियां अतिरिक्त प्रभार के सहारे चलने की बात सामने आई है। यानी जिन विभागों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध का केंद्र बनना था, वे अब भी बुनियादी व्यवस्थाओं का इंतजार कर रहे हैं। इसके बावजूद विश्वविद्यालय अब स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर शुरू करने की तैयारी कर रहा है। ❓ सवाल यह है कि जब पहले से संचालित विभाग ही अपने भवन, नियमित HOD और आवश्यक संसाधनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो एक और नया विभाग शुरू करने की इतनी जल्दबाजी क्यों? क्या पहले मौजूदा विभागों को पूरी तरह सक्षम और संसाधनयुक्त बनाना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए? विश्वविद्यालय का विकास केवल नए विभाग खोलने से नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्थायी भवन, योग्य नेतृत्व और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने से होता है। Readers’ Opinion का सवाल: क्या DAVV पहले अपने मौजूदा विभागों को मजबूत करेगा या बिना पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर के नए विभाग खोलने का सिलसिला जारी रहेगा? क्या यह दूरदर्शी योजना है या केवल आंकड़ों में विस्तार दिखाने की कोशिश? जवाब DAVV को देना चाहिए। 💬 आपकी राय क्या है? कमेंट में बताएं। 👍 वीडियो Like करें और Share करें। 🔔 ऐसे ही शिक्षा और विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों के लिए चैनल को Subscribe करें। 🤖 AI tools are used in editing. #DAVV#DeviAhilyaUniversity#DAVVNews#IndoreNews#EducationNews#UniversityNews#MPNews#MadhyaPradesh#HigherEducation#SchoolOfArchitecture#Infrastructure#ReadersOpinion#Indore#HindiNews 🔑 5 Key Points 🏫 DAVV में नए विभाग लगातार शुरू किए जा रहे हैं। ✈️ स्कूल ऑफ एविएशन, 🎨 स्कूल ऑफ डिज़ाइन और 🎭 स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के स्थायी भवन को लेकर सवाल। 👨🏫 इन विभागों में नियमित HOD नियुक्त नहीं होने पर सवाल। 🏗️ मौजूदा व्यवस्थाओं के बीच स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर शुरू करने की तैयारी। ❓ सवाल—पहले मौजूदा विभागों को मजबूत करना जरूरी है या नए विभाग खोलना? जवाब DAVV को देना चाहिए।
भवन नहीं, विभागाध्यक्ष नहीं… फिर DAVV में नए विभाग खोलने की जल्दबाजी क्यों? | Indore News
