महू के रामप्रसाद चौहान हाथों से बनाते हैं सितार, गांव-गांव गाते हैं कबीर वाणी | Readers Opinion

इंदौर जिले की महू तहसील के मांगलिया गांव में रहने वाले रामप्रसाद चौहान अपनी अलग तरह की कला के लिए पहचान बना रहे हैं। रामप्रसाद चौहान हाथों से सितार तैयार करते हैं। सितार बनाने के साथ वे इसी वाद्य यंत्र के जरिए गांव-गांव जाकर कबीर वाणी का गायन भी करते हैं। उनके द्वारा तैयार किए गए सितार बिक्री के लिए भी उपलब्ध होते हैं। सितार जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र को हाथों से तैयार करने की कला में मेहनत और अनुभव दोनों की जरूरत होती है। रीडर्स ओपिनियन ने रामप्रसाद चौहान से खास बातचीत कर उनकी कला और संगीत से जुड़े अनुभवों को जाना। 🎵 देखिए पूरी खास बातचीत और जानिए कैसे एक ग्रामीण कलाकार अपनी कला और कबीर वाणी के जरिए इस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। आपके आसपास भी कोई ऐसा स्थानीय कलाकार है जिसकी कहानी सामने आनी चाहिए? कमेंट में बताएं। 👇 #MhowNews #Mangliya #SitarMaker #KabirVani #FolkArtist #IndianCulture #IndoreNews #MadhyaPradesh #ReadersOpinion AI tools are used For editing. 5 KEY POINTS 🎵 रामप्रसाद चौहान महू तहसील के मांगलिया गांव के रहने वाले हैं। 🪕 वे हाथों से सितार तैयार करते हैं। 🎶 सितार के साथ गांव-गांव जाकर कबीर वाणी गाते हैं। 🛠️ उनके बनाए सितार बिक्री के लिए भी उपलब्ध होते हैं। 🎥 रीडर्स ओपिनियन ने किया खास इंटरव्यू, जिसमें उनकी कला और संगीत की कहानी सामने आई।