वर्धा स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ओपीडी समय में मरीजों को उचित स्वास्थ्य सुविधा और दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। कुछ मरीजों के 8 से 10 दिन तक जरूरी दवाओं के लिए केंद्र के चक्कर लगाने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा केंद्र परिसर में चार महीने से मुख्य द्वार की स्ट्रीट लाइट बंद होने और झाड़ियों की सफाई नहीं होने की शिकायत है। ग्रामीणों के अनुसार, शाम के समय अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व परिसर के आसपास जमा होते हैं, जिससे महिला स्टाफ और रात में आने वाले मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है। 🔑 5 KEY POINTS वर्धा उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए। मरीजों के कई दिनों तक दवा के लिए भटकने का आरोप। CHO की कार्यप्रणाली को लेकर भी ग्रामीणों ने शिकायत की। मुख्य द्वार की स्ट्रीट लाइट 4 महीने से बंद होने का दावा। परिसर में अंधेरे और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी से सुरक्षा पर सवाल।
वर्धा उप स्वास्थ्य केंद्र में बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं | दवा के लिए भटक रहे मरीज, सुरक्षा पर भी सवाल
