⚖️ मध्यप्रदेश की न्याय व्यवस्था के खर्च और बजट को लेकर सवाल सामने आए हैं। खबर के मुताबिक, अदालतों से सरकार को प्रति केस करीब ₹500 कोर्ट फीस प्राप्त होती है, जबकि न्यायिक व्यवस्था पर प्रति केस करीब ₹87 खर्च होने का दावा किया गया है। इसके बावजूद अदालतों में इंफ्रास्ट्रक्चर, कोर्ट रूम और जरूरी सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट ने न्यायपालिका की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आने वाले वर्षों के लिए 15 से 20 वर्षों की बजट प्लानिंग जैसे सुझावों पर भी ध्यान देने की बात कही है। अब सवाल यह है कि अदालतों से मिलने वाले राजस्व और न्याय व्यवस्था पर होने वाले खर्च के बीच यह अंतर क्यों है? ❓ क्या कोर्ट फीस से मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा न्यायपालिका की सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जाना चाहिए? 💬 अपनी राय कमेंट में बताइए। 🎬 AI tools are used for editing. #MadhyaPradesh#MPNews#HighCourt#CourtNews#Judiciary#CourtFee#JusticeSystem#LegalNews#MPHighCourt#MadhyaPradeshNews#HindiNews#LatestNews#ReadersOpinion#NewsUpdate
हर केस से ₹500 कोर्ट फीस, खर्च ₹87! फिर न्यायपालिका के बजट पर सवाल क्यों? | MP News
