⚖️ दिल्ली हाईकोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि दो बालिग और सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे लोगों को अपनी पसंद के अनुसार साथ रहने का अधिकार है और माता-पिता, रिश्तेदार या दोस्त उनके फैसले में दखल नहीं दे सकते या उनकी जान और स्वतंत्रता को खतरे में नहीं डाल सकते। मामले में परिवार की ओर से कथित धमकियों के बाद जोड़े ने पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि लिव-इन रिलेशनशिप कानूनी रूप से विवाह नहीं है, लेकिन बालिगों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और साथ रहने के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत संरक्षण प्राप्त है। 👥 Public Concern क्या बालिगों की व्यक्तिगत पसंद का सम्मान करते हुए परिवार की आपत्तियों और सुरक्षा से जुड़े मामलों का समाधान कानूनी तरीके से किया जाना चाहिए? 💬 इस फैसले पर आपकी राय क्या है? Comment में बताएं। 📢 Readers Opinion – अब आपकी खबर हमारी आवाज़ 👍 Like | 🔔 Subscribe | 🔄 Share AI tools are used for editing. #DelhiHighCourt#LiveInRelationship#HighCourtNews#LegalNews#DelhiNews#CourtNews#Article21#PersonalLiberty#IndiaNews#LawNews#PublicConcern#ReadersOpinion
लिव-इन रिश्ता शादी जैसा? Delhi High Court की बड़ी टिप्पणी, माता-पिता नहीं कर सकते दखल
