इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) में AI और डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई का बढ़ता चलन अब परीक्षा मूल्यांकन के लिए नई चुनौती बन गया है।
RTI के जरिए 700 से 800 विद्यार्थियों ने अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की जांच कराई, लेकिन केवल 8 से 10 विद्यार्थियों के परिणाम में बदलाव हुआ। विश्वविद्यालय का कहना है कि अधिकांश मामलों में मूल्यांकन सही पाया गया।
अब DAVV ने स्पष्ट किया है कि उत्तरों पर आपत्ति के लिए केवल ISBN नंबर वाली प्रमाणित पुस्तक ही मान्य होगी। कॉलेजों को भी विद्यार्थियों को प्रामाणिक अध्ययन सामग्री से तैयारी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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