इंदौर जिले में दस्तक अभियान के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं।
14 जुलाई से 31 अगस्त तक चले अभियान में 3,84,137 बच्चों का डिजिटलाइजेशन किया गया और 3,64,989 बच्चों की स्क्रीनिंग पूरी हुई।
स्क्रीनिंग के दौरान 2,534 बच्चे गंभीर तीव्र कुपोषण यानी एसएएम की श्रेणी में पाए गए। वहीं घर-घर स्क्रीनिंग के दौरान 15,420 बच्चों में डायरिया और 258 बच्चों में निमोनिया के मामले सामने आए।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डायरिया और निमोनिया के सभी मामले अभियान के दौरान नए पाए गए।
बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर सामने आए ये आंकड़े बाल स्वास्थ्य व्यवस्था और कुपोषण की रोकथाम पर ध्यान देने की जरूरत को सामने रखते हैं।
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