भोपाल स्मार्ट सिटी परियोजना से संबंधित भूमि और विकास को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। टीटी नगर में लगभग 342 एकड़ जमीन स्मार्ट सिटी विकास के लिए चुनी गई थी। मिली जानकारी के अनुसार, परियोजना के लिए लगभग 3,000 घरों को खाली कराया गया था। हालांकि, भूमि स्वामित्व, रजिस्ट्री और विकास अनुमति प्रक्रियाओं में देरी के कारण मामला रुका हुआ है। आरईआरए से संबंधित प्रक्रियाओं और अनुमतियों को लेकर भी विवाद सामने आए हैं, जिससे बुनियादी ढांचे के विकास पर असर पड़ा है। बताया जा रहा है कि परियोजना लगभग चार वर्षों से ठप पड़ी है। अब सरकारी स्तर पर इस मुद्दे को सुलझाने और लंबित स्वीकृतियों को आगे बढ़ाने की बात चल रही है। ❓ इतनी बड़ी स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए आवश्यक भूमि और कानूनी प्रक्रियाएं समय पर पूरी क्यों नहीं हुईं? इस मामले पर आपकी क्या राय है? कृपया टिप्पणियों में साझा करें। 📢 पाठकों की राय – अब आपकी खबरें, हमारी आवाज। संपादन के लिए एआई टूल्स का उपयोग किया गया है। #भोपालसमाचार#भोपालस्मार्टसिटी#स्मार्टसिटीप्रोजेक्ट#टीटीनगर#RERA#मध्यप्रदेशसमाचार#एमपीन्यूज़#विकाससमाचार#आधारभूत संरचना#पाठकोंकीराय
भोपाल स्मार्ट सिटी परियोजना: क्या विकास कार्य 4 वर्षों से ठप्प पड़ा है? 342 एकड़ भूमि को लेकर उठे सवाल…
