कैग (CAG) की नई रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में रोजाना 42 लोग आत्महत्या कर रहे हैं और 1.01 करोड़ से ज्यादा लोग मानसिक बीमारियों से जूझ रहे हैं. जानिए क्यों राज्य में इलाज और काउंसलिंग की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। AI tools are used in editing to enhance video quality and presentation. 🤖💻 Don’t forget to Like, Share, and Subscribe for more updates! #CAGReportMP#MentalHealthAwareness#MPNewsUpdate#HealthDepartment#CurrentAffairs#LatestNews 📌 4-5 Key Points आत्महत्या के डरावने आंकड़े: प्रदेश में रोजाना 42 (12 लोग प्रति लाख सालाना) आत्महत्याएं हो रही हैं, जो राष्ट्रीय औसत (10.6) से ज्यादा हैं. युवाओं पर ज्यादा असर: आत्महत्या करने वालों में 18 से 30 साल की उम्र के युवाओं की दर 24.55% है, जबकि राष्ट्रीय औसत 17.1% है. मानसिक रोगियों की संख्या: प्रदेश में 1.01 करोड़ से ज्यादा लोग (13.9%) किसी न किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं. मनोचिकित्सकों की भारी कमी: डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार प्रति लाख 3 मनोचिकित्सक होने चाहिए, जबकि प्रदेश में 1 लाख लोगों पर मात्र 0.05 मनोचिकित्सक ही उपलब्ध हैं. स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही: टेली मानस पर दो साल में आए 85,260 कॉल्स में से 9,855 का जवाब नहीं दिया गया, और अस्पतालों से 409 मरीज बिना फॉलोअप के भाग गए.
CAG Report on MP: प्रदेश में रोज 42 आत्महत्याएं! 🚨 मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़े खुलासे |
