GST लागू होने के करीब 9 साल बाद गिरफ्तारी और आपराधिक कार्रवाई से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी है। 7 अक्टूबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में टैक्स अधिकारियों से सीधे गिरफ्तारी का अधिकार वापस लेने और गंभीर टैक्स फ्रॉड के मामलों में गिरफ्तारी के लिए कोर्ट की मंजूरी जरूरी करने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा आपराधिक मुकदमा चलाने की मौजूदा सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने पर भी विचार किया जा रहा है। फिलहाल GST की धारा 69 के तहत कमिश्नर फर्जी बिल, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और बड़ी टैक्स चोरी जैसे मामलों में गिरफ्तारी अधिकृत कर सकता है। 2021-22 से दिसंबर 2024 तक केंद्रीय GST इकाइयों ने 72,393 मामलों में 887 गिरफ्तारियां की हैं। राज्यों के आंकड़े इससे अलग हैं। प्रस्ताव में सामान्य टैक्स विवादों, जैसे कैलकुलेशन, क्लेरिफिकेशन और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े मामलों को आपराधिक कार्रवाई से बाहर रखने पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि टैक्स रिकवरी, ब्याज-पेनल्टी और जानबूझकर की गई धोखाधड़ी पर कार्रवाई जारी रहेगी। GSTN की तकनीक के जरिए अब विक्रेता की बिक्री और खरीदार के ITC दावों का मिलान कर संदिग्ध लेनदेन को शुरुआती स्तर पर पकड़ना संभव है। कारोबारियों की ओर से भी गिरफ्तारी के प्रावधान के इस्तेमाल को लेकर चिंताएं जताई जाती रही हैं। अगर प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र में संबंधित कानून में संशोधन ला सकती है। 🔔 ऐसी ही बड़ी बिजनेस और देश-दुनिया की खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें। 👍 वीडियो Like करें और 📲 Share जरूर करें। 💬 GST के इन प्रस्तावित बदलावों पर आपकी क्या राय है? कमेंट करें। #GST#GSTCouncil#GSTNews#TaxNews#BusinessNews#IndiaNews#TaxUpdate#GSTUpdate#BreakingNews#Economy AI tools are used for editing.
GST में 9 साल बाद बड़ा बदलाव! टैक्स अफसरों से छीना जाएगा गिरफ्तारी का अधिकार?
