Indore में National Judicial Conference की शुरुआत | CJI Suryakant और CM Mohan Yadav शामिल

इंदौर में न्यायिक व्यवस्था से जुड़े अहम मुद्दों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। ‘Enhancing Access to Justice’ सम्मेलन का उद्घाटन भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षक-प्रमुख जस्टिस सूर्यकांत, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य न्यायाधीशों ने किया। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के साथ देशभर से आए विधि विशेषज्ञ और विद्वान शामिल हुए। सम्मेलन की शुरुआत ‘The Tapestry of Justice’ थीम के साथ हुई। ⚖️ सम्मेलन में प्रमुख विषय 🔹 आम नागरिक तक न्याय की आसान पहुंच 🔹 कमजोर और वंचित वर्गों के लिए कानूनी सहायता 🔹 महिलाओं और बच्चों तक प्रभावी कानूनी मदद 🔹 न्यायिक सुधार 🔹 समयबद्ध न्याय 🔹 समावेशी न्याय व्यवस्था CJI जस्टिस सूर्यकांत ने अपने संबोधन में कहा कि न्याय व्यवस्था को केवल अदालतों और फैसलों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि आम नागरिक की गरिमा और सम्मान को केंद्र में रखना जरूरी है। उन्होंने कानूनी सहायता को संवैधानिक अधिकार बताते हुए जरूरतमंद वर्गों तक प्रभावी मदद पहुंचाने पर जोर दिया। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महारानी अहिल्याबाई होलकर और सम्राट विक्रमादित्य की न्याय परंपरा का उल्लेख किया और कहा कि न्याय करते समय व्यक्ति के रिश्ते, पद या प्रभाव के बजाय सत्य और न्याय को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। दो दिवसीय सम्मेलन में न्यायिक सुधार और आम नागरिक तक समयबद्ध एवं प्रभावी न्याय पहुंचाने जैसे विषयों पर मंथन जारी रहेगा। ❓ आपके अनुसार आम नागरिक को न्याय मिलने में सबसे बड़ी चुनौती क्या है—देरी, कानूनी जानकारी की कमी या न्याय तक पहुंच? 💬 कमेंट में अपनी राय बताएं। 👍 वीडियो Like करें और Share करें। 🔔 ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें। 🤖 AI tools are used in editing. #Indore#IndoreNews#CJI#Justice#Judiciary#Suryakant#MohanYadav#EnhancingAccessToJustice#LegalAid#JudicialReforms#MadhyaPradesh#MPNews#NationalConference#JusticeForAll#HindiNews#BreakingNews 🔑 5 Key Points ⚖️ इंदौर में दो दिवसीय राष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन की शुरुआत हुई। 👨‍⚖️ CJI जस्टिस सूर्यकांत और CM डॉ. मोहन यादव सहित कई न्यायाधीश व विधि विशेषज्ञ शामिल हुए। 📌 सम्मेलन की थीम ‘The Tapestry of Justice’ रही। 🤝 कानूनी सहायता, न्यायिक सुधार और कमजोर वर्गों तक न्याय की पहुंच पर चर्चा। ⏱️ समयबद्ध और सम्मानजनक न्याय को लेकर महत्वपूर्ण मंथन किया जा रहा है।