🏛️ क्या आप जानते हैं कि भारतीय संघ में विलय के बाद इंदौर की पहली जनगणना वर्ष 1951 में हुई थी? इस वीडियो में जानिए इंदौर के इतिहास और विकास की महत्वपूर्ण कहानी— 📍 वर्ष 1733 में सूबेदार मल्हारराव होलकर ने इंदौर में टकसाल शुरू कर औद्योगिक विकास की नींव रखी। 📍 अहिल्याबाई होलकर ने कंपेल तहसील का नाम बदलकर इंदौर तहसील किया और इसे मुख्यालय बनाया। 📍 1766 में होलकर राज्य की राजधानी महेश्वर स्थानांतरित हुई, जबकि 1918 की संधि के बाद इंदौर फिर से होलकर साम्राज्य की राजधानी बना। 📍 भारतीय संघ में विलय के बाद 1951 में पहली जनगणना हुई और 1961 की जनगणना से तुलना में व्यापार और रोजगार के कई रोचक आंकड़े सामने आए। 📊 प्रमुख आंकड़े: खाद्य एवं अन्य वस्तुओं के 713 थोक व्यापारी 11,503 फुटकर व्यापारी 1951 में 459 साहूकार, जो 1961 में घटकर 90 रह गए। 2,114 घरेलू सेवा से जुड़े लोग (चौकीदार, रसोइया, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आदि) 2,152 मोटर चालक, मोटरसाइकिल चालक एवं परिवहन सेवाओं से जुड़े लोग। 👍 वीडियो पसंद आए तो Like करें, Share करें और Channel को Subscribe करना न भूलें। 💬 आपको कौन-सा तथ्य सबसे दिलचस्प लगा? कमेंट में बताइए। 🎬 AI tools are used in editing to enhance the visual presentation. #IndoreHistory #Indore #Census1951 #Holkar #AhilyabaiHolkar #MalharRaoHolkar #History #MadhyaPradesh #HistoricalFacts #HindiNews 🔑 5 Key Points 1733: मल्हारराव होलकर ने इंदौर में टकसाल शुरू कर औद्योगिक विकास की नींव रखी। अहिल्याबाई होलकर ने कंपेल तहसील का नाम बदलकर इंदौर तहसील किया और मुख्यालय बनाया। 1766 में राजधानी महेश्वर गई, जबकि 1918 की संधि के बाद इंदौर फिर से राजधानी बना। भारतीय संघ में विलय के बाद 1951 में इंदौर की पहली जनगणना हुई, जिसकी तुलना 1961 के आंकड़ों से की गई। 1961 के प्रमुख आंकड़े: 713 थोक व्यापारी, 11,503 फुटकर व्यापारी, 1951 में 459 साहूकार जो 1961 में 90 रह गए, 2,114 घरेलू सेवा कर्मी और 2,152 परिवहन सेवा से जुड़े लोग।
Indore First Census 1951 | इंदौर की पहली जनगणना के चौंकाने वाले आंकड़े | Indore History
