इंदौर में जल संकट के बीच नगर निगम की जल संरक्षण संबंधी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। एक ओर जोन-4 के वार्ड-17 में बिना अनुमति बोरिंग कराने पर तीन मशीनों पर कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, वहीं दूसरी ओर महापौर द्वारा लोगों को पाइप से गाड़ियां धोने से रोकने और चालान की चेतावनी देने के बीच MY अस्पताल के सामने पाइप से डिवाइडर धोए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि जब आम नागरिकों से पानी बचाने की अपेक्षा की जा रही है, तो नगर निगम को भी अपने सफाई कार्यों में कम पानी खर्च करने वाले तरीकों को प्राथमिकता नहीं देनी चाहिए? कम बारिश और जल संकट की चिंता के बीच जल संरक्षण के नियमों का पालन जनता के साथ सरकारी व्यवस्था में भी समान रूप से होना चाहिए।
इंदौर में जल संरक्षण पर सवाल: बोरिंग पर जुर्माना, डिवाइडर की पाइप से सफाई पर उठे सवाल
