इंदौर में कम बारिश के कारण आने वाले समय में जल संकट की आशंका जताई जा रही है। नर्मदा के पानी की खपत कम करने के लिए नगर निगम ट्रीटेड वॉटर यानी सीवेज से उपचारित पानी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की तैयारी कर रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में सीवेज ट्रीटमेंट की कुल क्षमता 432.5 एमएलडी है, जबकि करीब 340 एमएलडी सीवेज का ट्रीटमेंट किया जा रहा है। कार वॉशिंग और निर्माण कार्यों में उपचारित पानी का उपयोग बढ़ाने की योजना है। इसके लिए संग्रहण और वितरण नेटवर्क विकसित करने का प्रस्ताव है। दूसरी ओर, वार्ड 49 में करीब 40 साल पुरानी पाइपलाइनों से दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतें भी सामने आई हैं। जल संरक्षण, ट्रीटेड वॉटर के वितरण और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था को लेकर आपकी क्या राय है? कमेंट में बताएं।
इंदौर में जल संकट की आशंका! ट्रीटेड वॉटर की योजना, वितरण नेटवर्क अब भी चुनौती | Indore News
