इंदौर की ऐतिहासिक झांकी परंपरा को आर्थिक सहयोग की जरूरत है। अनंत चतुर्दशी पर निकलने वाली झांकियां वर्षों से शहर की सांस्कृतिक पहचान बनी हुई हैं। आयोजकों के अनुसार, झांकी तैयार करने में महीनों की मेहनत और लाखों रुपये खर्च होते हैं। बढ़ती लागत के कारण अब इस परंपरा को आगे बढ़ाने में आर्थिक चुनौतियां सामने आ रही हैं। आयोजकों ने मांग की है कि झांकी तैयार करने वाली संस्थाओं को आर्थिक सहायता और बेहतर पुरस्कार राशि दी जाए, ताकि इंदौर की यह विरासत उसी भव्यता के साथ जारी रह सके। 🎭 क्या ऐतिहासिक परंपराओं को बचाने के लिए सरकारी और सामाजिक सहयोग जरूरी है? कमेंट करके अपनी राय बताएं। 📢 Readers Opinion – अब आपकी खबर हमारी आवाज़ AI tools are used for editing. 🔖 Hashtags #IndoreNews#Indore#Jhanki#AnantChaturdashi#IndoreCulture#HeritageNews#MPNews#MadhyaPradesh#IndianCulture#ReadersOpinion
इंदौर की 103 साल पुरानी झांकी परंपरा को मदद की जरूरत | आयोजकों की बड़ी मांग | Part 2
