🚨 इंदौर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। सड़कें बनने के कुछ ही समय बाद उखड़ने और धंसने की शिकायतों के बाद इंदौर नगर निगम ने पहली बार शहर की 19 सड़कों की मोबाइल टेस्टिंग वैन से तकनीकी जांच कराई। जांच में 6 सड़कों की थिकनेस और स्ट्रेंथ अमानक पाई गई। इनमें बिजलपुर और तिलक नगर की सड़कें भी शामिल हैं। मामले में: 🔹 3 सब इंजीनियरों को नोटिस दिया गया है। 🔹 संबंधित ठेकेदारों को 228 मीटर सड़क दोबारा बनाने के आदेश दिए गए हैं। 🔹 अब सभी जोन और वार्ड में मोबाइल टेस्टिंग वैन भेजकर सड़कों की जांच की जा रही है। मोबाइल टेस्टिंग वैन सड़क की कोर कटिंग करके उसकी तकनीकी गुणवत्ता की जांच करती है। अब तक सड़क निर्माण पूरा होने के बाद ठेकेदार अधिकृत लैब से सैंपल की जांच करवाता था, लेकिन निगम द्वारा सरफेस और थिकनेस की जांच नहीं कराई जाती थी। अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर के मुताबिक, निगमायुक्त के आदेश पर सड़कों की टेस्टिंग की जा रही है और इंजीनियरों व ठेकेदारों को नोटिस दिए गए हैं। 🏗️ इंदौर में करीब 3000 से ज्यादा सड़कें हैं। ऐसे में अब देखना होगा कि आगे की जांच में और कितनी सड़कें गुणवत्ता के मानकों पर खरी उतरती हैं। 📢 सड़क निर्माण में गुणवत्ता और जनता के पैसे की जवाबदेही सबसे जरूरी है। 👍 वीडियो LIKE करें 📲 SHARE करें 🔔 चैनल SUBSCRIBE करें। #IndoreNews#Indore#RoadQuality#RoadConstruction#IndoreMunicipalCorporation#IndoreRoads#MPNews#LocalNews#PublicIssue#RoadTest AI tools are used for editing.
इंदौर की 19 में से 6 सड़कें जांच में फेल! 228 मीटर सड़क फिर बनेगी | Indore Municipal Corporation
