इंदौर क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन FAST-2.0 के तहत साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी और संदिग्ध SIM कार्ड उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में राजेंद्र राऊत, आनंद वासरे और सूरज सिंह को गिरफ्तार किया है। जांच के मुताबिक, संदिग्ध SIM कार्ड्स का इस्तेमाल महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में दर्ज साइबर फ्रॉड के मामलों में किया गया था। इन मामलों में कुल ₹84,58,499 की साइबर ठगी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए SIM कैसे जारी किए गए और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। 🎤 BYTE — राजेश कुमार त्रिपाठी, डीसीपी ❓ क्या SIM जारी करने की प्रक्रिया में और सख्त KYC जांच जरूरी है? 💬 अपनी राय कमेंट में बताएं। 👍 वीडियो Like और Share करें। 🔔 साइबर क्राइम और स्थानीय खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें। 🤖 AI tools are used in editing. #IndoreNews#IndoreCrime#CyberCrime#FakeSIM#CyberFraud#CrimeBranch#FAST20#CyberSecurity#MPNews#MadhyaPradesh#hindinews 🔑 5 KEY POINTS 🚨 इंदौर क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन FAST-2.0 के तहत कार्रवाई की। 📱 साइबर ठगी में इस्तेमाल फर्जी SIM नेटवर्क का खुलासा। 👮 तीन आरोपी गिरफ्तार। 💰 महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में ₹84,58,499 की साइबर ठगी से कनेक्शन। 🔍 पुलिस अब पूरे नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
इंदौर में Fake SIM Network का भंडाफोड़! 3 गिरफ्तार, ₹84.58 लाख की Cyber Fraud से कनेक्शन | Indore
