देशभर में आयोजित NEET री-एग्जाम को लेकर इंदौर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। इंदौर कमिश्नरेट क्षेत्र के 47 परीक्षा केंद्रों पर 18 हजार से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। 👮♂️📚 एडिशनल पुलिस कमिश्नर मयंक अवस्थी ने स्वयं परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुलिस के मुताबिक, NTA की गाइडलाइन के अनुसार सभी केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है और इसके लिए पहले से मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई थी। इसके अलावा दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर विशेष ट्रैफिक मैनेजमेंट किया गया है। साथ ही सोशल मीडिया सेल और खुफिया तंत्र को भी सक्रिय रखा गया है, ताकि अफवाह फैलाने वालों या परीक्षा में व्यवधान डालने वाले तत्वों पर नजर रखी जा सके। दूसरी ओर, री-एग्जाम दे रहे छात्रों के चेहरे पर उत्सुकता के साथ तनाव भी साफ दिखाई दिया। कुछ छात्रों ने बताया कि पहली परीक्षा रद्द होने के बाद कम समय में दोबारा तैयारी करना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। वहीं, कुछ ने पेपर कठिन होने की संभावना जताई, जबकि कुछ परीक्षार्थियों ने पेपर लीक की आशंका भी व्यक्त की। इस वीडियो में जानिए: इंदौर में NEET री-एग्जाम के लिए क्या सुरक्षा व्यवस्था की गई? 47 केंद्रों पर कितने छात्र परीक्षा दे रहे हैं? पुलिस और प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष बनाने के लिए क्या कदम उठाए? दोबारा परीक्षा दे रहे छात्रों ने क्या चिंताएं साझा कीं? क्या बायोमेट्रिक जांच और सख्त सुरक्षा से छात्रों का भरोसा बढ़ा? 💬 आपकी राय क्या है? क्या बार-बार री-एग्जाम से छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ता है? Comment में जरूर बताइए। 👍 वीडियो पसंद आए तो Like, Share, Comment और Subscribe जरूर करें।
इंदौर में NEET री-एग्जाम: 47 केंद्रों पर 18 हजार छात्र, सुरक्षा में 1000+ पुलिसकर्मी तैनात
