वैश्विक तेल बाजार में तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने अपनी ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन एहतियातन बंद कर दी है। वहीं होर्मुज क्षेत्र में पहले से बने संकट के बीच तेल की आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की आशंका है। रिपोर्ट के मुताबिक कच्चे तेल की कीमत करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसियों के अनुसार, सऊदी अरब की पाइपलाइन के जरिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का परिवहन होता है और इसके बंद होने से वैकल्पिक मार्गों पर दबाव बढ़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने पर भारत के आयात बिल, व्यापार संतुलन और रुपये की कीमत पर असर पड़ सकता है। परिवहन और माल ढुलाई की लागत बढ़ने से घरेलू महंगाई पर भी दबाव आने की आशंका है। 🔑 5 KEY POINTS सऊदी अरब ने ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन बंद की। होर्मुज संकट के बाद तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी। कच्चे तेल की कीमत करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची। भारत करीब 90% कच्चा तेल आयात करता है। महंगे तेल से आयात बिल और घरेलू महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।
कच्चा तेल 110 डॉलर के पार | सऊदी पाइपलाइन बंद, भारत के Import Bill पर बढ़ेगा दबाव?
