खरगोन यूनिवर्सिटी ने मांगे ₹150 करोड़, DAVV की आर्थिक हालत पर सवाल | Students की फीस कहां जा रही?

खरगोन यूनिवर्सिटी द्वारा DAVV से ₹150 करोड़ के ऋण की मांग किए जाने के बाद DAVV की आर्थिक स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। DAVV का कहना है कि उसकी Financial Condition इतनी मजबूत नहीं है कि वह इतनी बड़ी राशि की मदद कर सके। लेकिन दूसरी तरफ University के कई Courses की Fees Private Colleges के मुकाबले Competitive है और कई Courses में Students से लाखों रुपये तक की Fees ली जाती है। इसके अलावा DAVV को कई कार्यों के लिए अनुदान मिलते हैं और वेतन भी सरकार देती है। ऐसे में सवाल है कि Students से आने वाली Fees, University की दूसरी Income और Government Grants का पैसा आखिर कहां खर्च हो रहा है? कई Private Colleges अपने Campuses में Modern Buildings, बेहतर Classrooms, Laboratories, Sports Facilities और लगातार Infrastructure Development पर करोड़ों रुपये खर्च करते हैं और अपने कई खर्चे खुद उठाते हैं। वहीं DAVV में कई जगह पुराने Buildings, Maintenance और Infrastructure को लेकर सवाल सामने आते रहे हैं। तो क्या DAVV की समस्या सिर्फ Income की कमी है? या फिर Financial Management और Expenditure Planning में भी कोई और Angle है? Students को यह जानना जरूरी है कि University की कुल Income कितनी है, Students की Fees से कितनी राशि आती है, Grants कितने मिलते हैं और Infrastructure तथा Maintenance पर कितना खर्च किया जाता है। क्या DAVV को अपनी पूरी Income–Expenditure Report सार्वजनिक कर White Paper जारी करना चाहिए? 📢 Readers’ Opinion – अब आपकी खबर हमारी आवाज़ DAVV की Financial Condition पर आपका क्या कहना है? कमेंट में जरूर बताएं। AI tools are used for editing.