महू तहसील के मानपुर क्षेत्र की कालिकिराय पंचायत के मजरा लिमड़ी खोदरा में ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में स्कूल की सुविधा नहीं है, जिसके कारण छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए करीब 4 किलोमीटर दूर कालिकिराय गांव जाना पड़ता है। स्कूल तक पहुंचने में बच्चों और परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि गांव में पहुंचकर विकास के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीणों ने गांव में स्कूल की व्यवस्था के साथ-साथ सड़क, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। यह मामला ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा एवं बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर सवाल खड़े करता है। अब जरूरत है कि संबंधित प्रशासन और जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की समस्याओं का संज्ञान लेकर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाएं। 🔔 महू, इंदौर और मध्यप्रदेश की स्थानीय खबरों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और वीडियो शेयर करें। #LimdiKhodra#Mhow#Manpur#TribalVillage#Education#RuralDevelopment#MadhyaPradesh#IndoreNews#MhowNews#MPNews 🔑 5 KEY POINTS 🏘️ लिमड़ी खोदरा में ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। 📚 गांव में स्कूल नहीं होने का ग्रामीणों का दावा। 🚶 बच्चों को पढ़ाई के लिए करीब 4 किलोमीटर दूर कालिकिराय जाना पड़ता है। 🛣️ ग्रामीण सड़क, बिजली, पानी सहित अन्य सुविधाओं की भी मांग कर रहे हैं। 📢 ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से समस्या का समाधान करने की अपील की।
लिमड़ी खोदरा आज भी विकास से दूर | 4 KM दूर पढ़ने जाते हैं बच्चे | महू के आदिवासी गांव
