शाजापुर जिले में खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे वन्यजीवों के प्रबंधन के लिए वन विभाग एक बार फिर बोमा पद्धति से अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। अभियान 9 से 31 अक्टूबर तक शाजापुर, शुजालपुर और कालापीपल क्षेत्र में चलाया जाएगा। इस दौरान 2 हजार कृष्णमृग और अधिकतम नीलगाय पकड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस बार बोमा पद्धति के विशेषज्ञों के साथ हेलीकॉप्टर और पायलट की भी व्यवस्था रहेगी। पिछले वर्ष शाजापुर में 846 कृष्णमृग और 67 नीलगाय पकड़े गए थे, जिन्हें गांधी सागर अभयारण्य, मंदसौर में स्थानांतरित किया गया था। वहीं उज्जैन में जून 2026 में किए गए मैन्युअल प्रयास में अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। अब यहां भी विशेषज्ञों की मदद से नीलगाय पकड़ने की तैयारी की जा रही है। क्या किसानों की फसल सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाने के लिए ऐसे अभियान जरूरी हैं? Comment में अपनी राय बताएं। AI tools are used in editing. #Shajapur#Ujjain#Blackbuck#Nilgai#Wildlife#BomaMethod#ForestDepartment#MPNews#MadhyaPradesh#Farmers 📌 5 KEY POINTS शाजापुर में फिर शुरू होगा बोमा पद्धति से अभियान। 2 हजार कृष्णमृग पकड़ने का लक्ष्य। अधिकतम संख्या में नीलगाय पकड़ने की तैयारी। विशेषज्ञों के साथ हेलीकॉप्टर और पायलट की व्यवस्था। उज्जैन में भी विशेषज्ञों की मदद से अभियान चलाने की तैयारी।
शाजापुर में फिर शुरू होगा बोमा अभियान | 2 हजार काले हिरण पकड़ने का लक्ष्य | Nilgai Rescue | MP News
